Artha Vijnana

मुझे लिखनी है एक कविता 

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मुझे लिखनी है एक कविता 

– Sarthak Malkhede

SY BSc. (2023-27)

Source: Pinterest 

मुझे लिखनी है एक कविता जो तुम्हे छू जाए 

एक कविता जो तुम्हे अपनी सी लगे 

शायद तुम्हारे जैसी लगे 

एक कविता जो लोगो का दर्द समझ सके 

एक कविता जो पूरे समाज की आवाज बन सके

एक कविता जो मेरे समाज को बचा सके 

एक कविता जो सच दिखा सके 

एक कविता जो सच के साथ रहे ।

मुझे लिखनी है एक कविता जो सिर्फ़ मेरे पास रहे 

एक कविता जिसे कोई और न पढ़ सके

एक कविता जो मेरी जिंदगी बयां कर सके 

एक कविता जो मुझे एक कवी बना सके

एक कविता जिसे तुम नकार दो 

एक कविता जो तुम स्वीकार न करो । 

मुझे लिखनी है एक कविता जिसे तुम समझ न सको 

फिर भी तुम्हे पढ़ कर अच्छी लगे ।

मुझे लिखनी है एक कविता जो मैं बार बार पढ़ सकूँ 

एक कविता जिसे मैं खुल कर जी सकूँ ।

मुझे लिखनी है एक कविता जो मेरा घर बसा सके 

एक कविता जो सिर्फ मेरी माँ समझ सके 

एक कविता जो मेरे पिता को गले लगा सके 

एक कविता जो मेरे परिवार को कुछ पंक्तियों में‌ समेट सके  

मुझे बस लिखनी है एक कविता।